कमान का सवाल

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दस अगस्त को संसद के मॉनसून सत्र की समाप्ति के साथ ही आगामी दो हजार उन्नीस के लोक सभा चुनावों की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो जाएंगी। सत्तारूढ़ भाजपा के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्हा भले ही राजनीति के नेपथ्य में चले गए हैं, लेकिन विपक्ष के अति विशिष्ट नेताओं में सोनिया गांधी, एचडी देवेगौड़ा और शरद पवार की त्रिमूर्ति राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय है, और विपक्षी एकता को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है। विपक्षी दलों के बीच एक बात पर आम राय बन चुकी है कि चुनाव परिणाम आने के बाद ही वे अपना प्रधानमंत्री तय करेंगे।

इसका आशय यह है कि चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विपक्ष प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं उतारेगा। विपक्षी दलों में जिस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी, प्रधानमंत्री उसी पार्टी का होगा। उन्नीस सौ सतहत्तर के चुनावों में इंदिरा गांधी के विरुद्ध संयुक्त विपक्ष ने प्रधानमंत्री पद के लिए किसी के नाम की घोषणा नहीं की थी। तब इंदिरा गांधी को हराना विपक्ष का एकमात्र राजनीतिक एजेंडा था।

इस समय भी विपक्ष का राजनीतिक ध्येय भाजपा और नरेन्द्र मोदी को सत्ता से हटाना है। लेकिन उन्नीस सौ सतहत्तर में विपक्ष के पास इंदिरा गांधी के खिलाफ आपातकाल जैसा बड़ा राजनीतिक मुद्दा था, वैसा वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध नहीं है। इसलिए भाजपा चुनाव के पहले ही यह लड़ाई जीत चुकी है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने विपक्ष का कोई चेहरा ही नहीं है।

लेकिन भाजपा विरोधी वोटों को बिखरने से रोकने के लिए विपक्षी दलों के बीच सीटों का तालमेल हो जाता है, तो भाजपा की मुसीबत बढ़ सकती है। सोनिया गांधी, देवेगौड़ा और शरद पवार भाजपा विरोधी गठबंधन बनाने के लिए प्रयासरत हैं। भाजपा भी विपक्षी एकता की कवायद को गंभीरता से लेते हुए नये सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी एनडीए की ताकत बढ़ाने के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति को एनडीए में शामिल कराने की कोशिश में हैं। एनडीए से तेलुगू देशम पार्टी के बाहर होने के बाद भाजपा शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, एलजेपी और जदयू जैसे पुराने सहयोगियों के साथ रिश्तों में आई दरारों को पाटने में लगी है। इसीलिए कहा जाता है कि राजनीति संभाव्य की कला है, और कौन इस कला में ज्यादा निपुण है, यह फैसला तो दो हजार उन्नीस का चुनाव करेगा।