कठुआ गैंगरेप: पीड़िता को इंसाफ के लिए सितारों ने उठाई आवाज

आईएएनएस , मुंबई

फिल्मी दुनिया के कलाकार, निर्देशक, गायक और संगीतकार जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बच्ची के साथ दुष्कर्म के खिलाफ एकजुट हुए। इन्होंने मामले पर सरकार की चुप्पी पर भी हैरानी जताई।

प्रियंका चोपड़ा, कमल हासन, करण जौहर और संजय दत्त जैसी लोकप्रिय हस्तियों ने आठ वर्षीय बच्ची के लिए न्याय की मांग की है। यह बच्ची घोड़े चराने गई थी, जिसे अगवा कर लिया गया और इसके ठीक एक सप्ताह बाद 17 जनवरी को बच्ची का शव कठुआ जिले के रसाना गांव के जंगल में मिला।

बच्ची को मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया था और इस दौरान बच्ची को भूखा रखा गया और नशीली दवाइयां खिलाकर उसका कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद बच्ची की हत्या कर दी गई।

फिल्मी सितारों ने इस 'भयावह' अपराध के दोषियों के लिए सख्त सजा की मांग की है।

फिल्मी सितारों ने ट्वीट कर इस घटना के प्रति अपना रोष व्यक्त किया।

प्रियंका चोपड़ा : आसिफा जैसे कितने बच्चों की धर्म और राजनीति के चौराहे पर बली दी जाएगी? हमारे जागने से पहले कितने बच्चों को इससे गुजरना पड़ेगा? मैं बहुत निराश हूं, यह त्वरित कार्रवाई का समय है।

कमल हासन : क्या यह समझने के लिए खुद की बेटी होनी चाहिए? वह मेरी हो सकती थी। मैं पुरुष, पिता और नागरिक होने के नाते गुस्से में हूं। मेरी बच्ची मुझे खेद है कि मैं तुम्हारे लिए देश सुरक्षित नहीं बना पाया। मैं भविष्य में आपके जैसे बच्चों के न्याय के लिए लडूंगा। हम कभी नहीं भूलेंगे।

ट्विंकल खन्ना : मैंने इसे एक मां की तरह देखा और यह दिल दहला देने वाला है। एक महिला होने के नाते मैं गुस्से में हैं और एक नागरिक होने के नाते मैं पूरी तरह शर्मिंदा हूं।

करण जौहर : अमानवीय! भयावह! न्याय होना चाहिए! आसिफा।

अनुपम खेर : शोक, दुखी और गुस्सा! माफ करना, आसिफा।

संजय दत्त : हम एक समाज के रूप में नाकाम रहे हैं! एक पिता होने के नाते, मैं हिल गया हूं और एक आठ साल की बच्ची के बारे में पढ़कर गुस्से में हूं। मेरा दिल आसिफा के परिवार के साथ है, मैं इसके पूरी तरह खिलाफ हूं।

वरुण धवन : हमें इस बच्ची को न्याय दिलाने के लिए लड़ना होगा। हम इस तरह की चीजों को अनुमति नहीं दे सकते, आसिफा भारत की बेटी थी। हमें आसिफा के लिए न्याय की जरूरत है।

आयुष्मान खुराना : जाति, रंग, धर्म के बावजूद बच्चे केवल प्यार के हकदार हैं और एक बलात्कारी को केवल जाति, रंग, धर्म के बारे में सोचे बिना सजा मिलनी चाहिए। आसिफा।