कठुआ-कांड के बाद उत्पीड़न से डरे हिंदू कर रहे पलायन

सतीश वर्मा, सहारा न्यूज ब्यूरो, रसाना, हीरानगर

आठ साल की मासूम बच्ची के साथ दिल दहला देने वाले घृणित-कांड के बाद से गांव रसाना में सन्नाटा पसरा हुआ है। हीरानगर के जम्मू-कठुआ हाइवे से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर बसा यह गांव कभी जीवंत दिखाई देता था। कठुआ-कांड के कारण सूबे की अपराध शाखा के खौफ से यहां के अधिकतर हिंदू परिवार पलायन कर गए हैं अथवा हाइवे पर धरने पर बैठे हैं। वहीं गुर्जर बक्करवाल समुदाय के लोग उच्च पहाड़ी इलाकों के लिए निकल लिए हैं। जिस मासूम बच्ची के साथ उक्त कांड हुआ वह इसी बंजारा समुदाय की थी।

यहा पहुंचने पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई देते हैं। हिंदू समुदाय के लोग कहते हैं कि वह क्राइम ब्रांच के उत्पीड़न से डरे हुए हैं। इसलिए गांव में रहना नहीं चाहते। देवस्थान, जिसे वारदात स्थल कहा जा रहा है, वहां भी मरघट सी खामोशी है। यहां जो भी शख्स मिला, सभी ने यह कहा कि दोनों समुदायो के बीच बरसो बरस से भाईचारा बना हुआ था, लेकिन इस शर्मनाक घटना ने सबको तोड़कर रख दिया है। एक मासूम बच्ची के साथ घिनौने-कांड से सभी आहत हैं। जिसे समुदाए की यह बच्ची थी, बक्करवाल, वे भी डरे जरूर हुए हैं।

परंतु वह भी जांच को लेकर वही बात कहते हैं जोकि इस कांड के अभियुक्तों के परिजन यानि सीबीआई की जांच हो, ताकि दूध का दूध, पानी का पानी हो सके। परंतु अब तो यह मामला कठुआ जिला अदालत के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में है। जहां आज सुनवाई शुरू हुई। वैसे भी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती इस मामले के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर जेएंडके हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर गुजारिश कर चुकी हैं। फिर भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। मालूम हो कि इस 8 वर्षीय मासूम बच्ची का कुचला शव इसके लापता होने के एक सप्ताह बाद यानि बीती 17 जनवरी को स्थानीय जंगल से ही मिला था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने 10 जनवरी को ही उनकी शिकायत दर्ज करके बच्ची की तलाश शुरू की होती तो शायद यह कांड नहीं होता। पुलिस की घोर लापरवाही हुई है।

रसाना गांव के पूर्व सरपंच कांत कुमार केवल इतना कहते है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण  हैं। मासूम बच्ची के साथ की गई दरिंदगी का। असली गुनाहगारों के लिए सीबीआई की जांच ही जरूरी है। मालूम हो कि सूबे की पीडीपी-भाजपा सरकार के जिन दो मंत्रियों चौ. लाल सिंह व चंद्र प्रकाश गंगा से भाजपा आलाकमान ने इस्तीफे लिए, उन दोनो पर जिस हिंदू एकता मंच की रैली में भाग लेने का आरोप लगा, मंच के प्रधान विजय शर्मा ने कहा है कि सीबीआई जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है। यदि सीबीआई जांच में भी क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार आरोपियों पर गुनाह करने का आरोप आता है, तो भी उन्हें स्वीकार होगा।

शर्मा का आरोप है क्राइम ब्रांच राजनीति से प्रेरित है। दिलचस्प बात यह है कि इस्तीफा देने वाले मंत्री चौ. लाल सिंह ने भी कहा है कि उन्हें भी राजनीति की बू आ रही है। यदि हम दो मंत्रियों से इस्तीफे लिए गए हैं, तो नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भी त्यागपत्र दे देना चाहिए।