एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्णों के भारत बंद का मिला जुला असर

एजेंसियां, नई दिल्ली

एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में सवर्ण संगठनों के भारत बंद का मिला जुला असर दिखा। ज्यादा असर बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, में देखने को मिला। जबकि छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों में मामूली ही असर रहा। राजधानी दिल्ली में बंद का कोई असर नजर नहीं आया।
बिहार में कई जगह आगजनी  की गई। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। कई जगहों पर ट्रेन को भी रोकने की कोशिश हुई। हालांकि कई राज्यों में प्रशासन ने पहले से ही धारा 144 लागू कर रखी थी। कई स्थानों में सवर्ण समाज ने बाल मुड़वाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। महाराष्ट्र के ठाणो में भी सवर्ण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदशर्न किया। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने जबरन दुकानें बंद कराई।   
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर पूरे देश में कई सवर्ण संगठनों ने भारत बंद बुलाया था। सवर्ण समाज को केंद्र सरकार के इस फैसले से आपत्ति है। मध्य प्रदेश के आईजी लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देवसकर ने कहा कि सवर्णों का भारत बंद व्यापक स्तर पर शांतिपूर्ण रहा। सिर्फ  कुछ जगहों पर मामूली घटनाएं देखने को मिलीं। हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, अशोक नगर, गुना, भिंड और सतना में प्रदशर्नकारियों के खिलाफ पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में सवर्णों के समूहों ने विरोध प्रदशर्न किया। इस दौरान लोग काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे लगाए। साथ ही यूपी के आगरा में भारत बंद के दौरान आगरा में बाजार पूरी तरह से बंद रहे। मथुरा, अलीगढ़, वृंदावन, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज और मैनपुरी आदि जगहों पर बंद का असर देखा गया।