एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत, लागू होंगे नए नियम

भाषा, नई दिल्ली

शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपए से अधिक की कमाई पर फिर से लागू दीर्घकालीन पूंजी लाभ कर (एलटीसीजी) समेत बजट के कई प्रस्ताव एक अप्रैल से शुरू नए वित्त वर्ष में लागू हो जाएंगे।

विवादों में रहे एलटीसीजी टैक्स के अलावा 250 करोड़ रुपए तक के कारोबार वाली कंपनियों पर कंपनी कर कम होकर 25 फीसद हो जाएगा पहले यह 30 फीसद था। व्यक्तिगत आयकर के मामले में परिवहन भत्ता और चिकित्सा प्रतिपूर्ति (रिम्बर्समेंट) के एवज में 40,000 रुपए की मानक कटौती समेत अन्य कर प्रस्ताव भी अमल में आ जाएंगे। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर से मुक्त ब्याज आय की सीमा पांच गुना बढ़ाकर 50,000 रुपए सालाना कर दी गई है।

इसी तरह आयकर कानून की धारा 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर किए गए भुगतान तथा चिकित्सा व्यय पर कर कटौती की सीमा भी 30,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दी गई है। यह सब नए वित्त वर्ष में पहली अपैल से ही लागू हो जाएंगे।

वरिष्ठ नागरिक तथा अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए गंभीर बीमारी के मामले में कर छूट एक अप्रैल से एक लाख रुपए की गई है जबकि अब तक यह क्रमश: 60,000 रुपए और 80,000 रुपए थी।

राजग सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अति धनाढ्यों पर 10  से15 प्रतिशत तक अधिभार को बरकरार रखा। साथ ही कर योग्य आय पर लगने वाले स्वास्थ्य तथा शिक्षा उपकर 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है। यह प्रस्ताव भी रविवार से प्रभाव में आ जाएगा।

वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में 14 साल के अंतराल के बाद अब शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपए से अधिक के पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत कर (एलटीसीजी) लगाने का प्रस्ताव किया गया। फिलहाल एक साल के भीतर शेयर बिक्री से होने वाले पूंजी लाभ पर 15  प्रतिशत कर लगता है। हालांकि खरीद के एक साल बाद बेचे जाने से होने वाले पूंजी लाभ पर कोई कर नहीं देना होता है। उल्लेखनीय है कि जुलाई2004  में सरकार ने शेयरों पर एलटीसीजी हटा दिया था और उसकी जगह प्रतिभूति सौदा कर (एसटीटी)  लगाया था। यह अभी जारी है।

नए वित्त वर्ष की शुरुआत कल

  • 250 करोड़ के कारोबार वाली कंपनी पर लगेगा 25% कंपनी कर
  • शेयरों से मिलने वाले पूंजीगत लाभ पर लगेगा 10% एलटीसीजी
  • एक लाख रुपए से ऊपर के मुनाफे पर लागू होगा यह टैक्स
  • परिवहन भत्ता और मेडिकल रिम्बर्समेंट भी खत्म किया जाएगा
  • इसके बदले में लागू हो जाएगी 40 हजार रुपए की मानक कटौती
  • हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कर कटौती की सीमा Rs50 हजार होगी
  • वरिष्ठ नागरिकों की गंभीर बीमारी पर कर छूट सीमा एक लाख होगी
  • अब तक यह सीमा Rs60 हजार से 80 हजार रुपए के बीच थी
  • कर योग्य आय पर हेल्थ व शिक्षा उपकर तीन से बढ़कर 4% होगा