एके-47 मामले में आर्मर की फरार पत्नी गिरफ्तार

वार्ता, जबलपुर

देशद्रोहियों को एके-47 राइफल की सप्लाई के आरोप में मध्यप्रदेश के जबलपुर में गिरफ्तार पूर्व आर्मर की फरार पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस एस वघेल ने आज यहां बताया कि पुलिस ने सेन्ट्रल आर्डिनेंस फैक्टरी (सीओडी) खमरिया के पूर्व आर्मर पुरुषोत्तम रजक की फरार पत्नी चंद्रवती को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके पास से दो लाख 30 हजार रुपये नगद तथा पांच लाख 75 हजार रुपये के जेवरात बरामद किए हैं।

पुलिस ने सीओडी के कमांडेंट को स्थल निरीक्षण के लिए पा लिखा है। जिससे इस बात की जानकारी लग सके कि आरोपी किस तरफ से डिपो में रखी गन बाहर लेकर आता था। आरोपियों ने अपने फोन तोड़ दिए थे, पुलिस की साइबर टीम उनके रिकॉर्ड की जानकारी एका करने में लगी हुई है।

इस मामले में पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों पुरुषोत्तम, उसके बेटे शीलेंद्र और सीओडी के सिविलियन अधिकारी सुरेश ठाकुर से आईबी व मिल्ट्री इंटेलीजेंस की टीम ने आज एक साथ और अलग-अलग पूछताछ की।

पुरुषोत्तम और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके पास रखे एके-47 के कलपुज्रे गौर नदी में फेंक दिए थे। पुलिस ने आरोपियों के साथ उस स्थल का निरीक्षण किया। कल से गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश शुरू की जाएगी। सूत्रो के अनुसार पुलिस के रॉडार में सीओडी में पदस्थ चार अन्य लोग भी हैं।

गौरतलब है कि बिहार की मुंगेर पुलिस ने मोहम्मद इमरान आलम को तीन एके-47 राइफल के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी युवक ने पुछताछ के दौरान बताया था कि जबलपुर निवासी पुरुषोत्तम ने उसे प्रतिबंधित राइफल की सप्लाई की है। पुरुषोत्तम सीओडी जबलपुर से वर्ष 2008 में आर्मर के पद से सेवानिवृत्त हुआ था।

पुलिस ने पुरुषोत्तम को गिरफ्तार किया तो उसने सनसनी खेज जानकारी देते हुए बताया कि सुरेश ठाकुर सीओडी में गलाने के लिए लाई जाने वाली खराब एके-47 गन डिपो से निकालकर उसे देता था। राइफल की जांच कर वह यह पता लगता था कि कौन सा पार्ट खराब है। सुरेश डिपो में रखी दूसरी गन का सही पार्ट निकालकर उसे देता था। वह राइफल ठीक कर बिहार के मुंगेर निवासी सेवानिवृत्त आर्मर नियाजुल हसन की मदद से उन्हें इमरान आलम व शमशेर नामक युवक को बेच देता था। हथियार की सप्लाई करने उसके पत्नी चंद्रवती उसके साथ जाती थी।