उन्नाव गैंगरेप: आरोपी सेंगर के भाई अतुल को रिमांड पर ले सकती है सीबीआई

वार्ता, लखनऊ

उन्नाव में बलात्कार और हत्या के मामले की जांच कर रही केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जेल मे बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह को रिमांड में लेने के लिये अदालत जा सकती है।
       
पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने अतुल सिंह उर्फ जयदीप सिंह को छह दिन पहले कानपुर से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी इस मामले में बांगरमऊ के विधायक और उसके सहयोगी शशि सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अतुल पर बलात्कार पीडिता के पिता को पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है।  पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने गिरफ्तारी से पहले कहा था कि आरोपी के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
         
सूत्रों ने बताया कि कुलदीप को रिमांड पर लेने के बाद जांच एजेंसी जेल में बंद उसके भाई अतुल को भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। बलात्कार पीडिता के पिछले तीन अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश से खफा अतुल और उसके गुगरे ने पीडिता के पिता की जमकर पिटाई की थी जिससे उसकी मृत्यु हो गयी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्ग की मृत्यु आंत फटने के कारण हुयी थी।
       
घटना के बाद बढते जनाक्रोश के बीच पुलिस ने अतुल समेत चार लोगों को दस अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में थाना प्रभारी समेत छह पुलिसवालों को संस्पेंड किया गया था लेकिन विधायक की गिरफ्तारी से पुलिस बचने का प्रयास करती रही।

राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया में इस कांड के तूल पकडने के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को सीबीआई के हवाले करने की सिफारिश की जिसे केन्द्र सरकार ने बिना देर किये मंजूर कर लिया। जांच एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई करते हुये शुक्रवार तड़के विधायक को हिरासत में  ले लिया। 14 घंटे तक लगातार पूछताछ करने के बाद सीबीआई ने अगले दिन उसे सीबीआई अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया।सीबीआई ने इस सिलसिले में शशि सिंह नाम की एक महिला को भी गिरफ्तार किया। शशि पर आरोप है कि उसने पीड़तिा को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास कथित तौर पर पहुंचाया था। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि महिला लालच देकर उसकी बेटी को विधायक के पास ले गई, जहां भाजपा नेता ने उससे कथित बलात्कार किया था।
     
यह पहला मामला नहीं है जब अतुल सिंह का नाम क्राइम शीट पर चढ़ा है। अतुल अपने विधायक भाई के रसूख का इस्तेमाल कर पहले भी अपराध करता रहा है। साल 2004 में अतुल सेंगर पर तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा को गोली मारने का आरोप है। आरोप के मुताबिक, अतुल सेंगर ने थाने से कुछ ही दूरी पर बालूघाट रोड के पास एएसपी रामलाल वर्मा को गोली मार दी थी, जिसमें एएसपी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में गंगाघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।