उत्तर कोरिया ने बातचीत रद्द करने की धमकी दी

एएफपी, सोल

उत्तर कोरिया ने अपने नेता किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता रद्द करने की धमकी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका उस पर परमाणु शस्त्रागार को बंद करने की अपनी एकतरफा मांग पर अड़ा रहता है तो उसे उसके साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है।

अमेरिका को चेतावनी देने और दक्षिण कोरिया के साथ उसके संयुक्त सैन्य अभ्यास को अशिष्ट और दुष्ट उकसावा करार देते हुए उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ आज होने वाली उच्च स्तरीय बैठक रद्द कर दिया है।  उत्तर कोरिया के प्रथम उपविदेश मंत्री किम के ग्वान ने एक बयान में कहा, अगर ट्रंप प्रशासन हमें घेरता है और परमाणु हथियारों को छोड़ने की एकतरफा मांग करता है तो हमें उसके साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं होगी और हमें पुनर्विचार करना होगा कि हम डीपीआरके-अमेरिका शिखर वार्ता को स्वीकार करते हैं अथवा नहीं।

उप विदेश मंत्री के इस बयान को केसीएनए समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में लिया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच होने वाली ऐतिहासिक शिखर वार्ता में उत्तर कोरिया के परमाणु शस्त्रागार का मुद्दा प्रमुख एजेंडा होगा लेकिन उत्तर कोरिया लंबे समय से कहता रहा है कि अमेरिका की ओर से हमले की सूरत में उसे अपनी रक्षा के लिए हथियारों की आवश्यकता है। वहीं अमेरिका उस पर पूर्ण, सत्यापित और अपरिवर्तनीय निरस्त्रीकरण का दबाव बना रहा है लेकिन उत्तर कोरिया ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

उप विदेश मंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया ने अनेक अवसरों पर यह स्पष्ट किया है कि निरस्त्रीकरण के लिए पूर्व शर्त और परमाणु खतरों और अमेरिका के ब्लैकमेल को समाप्त करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर कोरिया के निरस्त्रीकरण के लिए ‘लीबियाई मॉडल’ की अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन्स के बयान की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा, लीबिया अथवा इराक के हमारे  सम्मानित राज्य पर इसे थोपने का यह भयावह कदम है। किम ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के उन प्रस्तावों को भी ठुकरा दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण करता है तो अमेरिका उसे आर्थिक सहायता देगा। वहीं समीक्षकों का मानना है कि प्योंगयांग वार्ता की शतरें को पुनर्परिभाषित करने का प्रयास कर रहा है।