ईवीएम में बंद हुई प्रत्याशियों की किस्मत

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर बुधवार को पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच कॉलेजों और विभागों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गई।  मतदान की प्रक्रिया सुबह 8.30 से दोपहर 1 बजे तक फिर अपराह्न 3 से शाम 7.30 बजे तक चली। सुबह के समय 10 बजे से ज्यादा संख्या में विद्यार्थी मतदान करने पहुंचे, लेकिन दोपहर में धूप के चलते मतदान की गति धीमी पड़ गई। मतदान के दौरान जमकर प्रचार के पच्रे कॉलेज के अंदर व बाहर व सड़कों पर उड़ाए गए। इस बार डूसू चुनाव के लिए करीब 40 से 45 फीसद के बीच मतदान हुआ।
डूसू चुनाव के लिए कॉलेजों और विभागों में कुल 740 ईवीएम लगाई गई। डूसू चुनाव के लिए 52 कॉलेजों और सात विभागों में मतदान प्रक्रिया चली। डूसू चुनाव में मतदान के लिए इस बार 1.35 लाख छात्र मतदाता रहे। मतदान प्रक्रिया के दौरान विवेकानंद कॉलेज में मतदान दो घंटे देर से शुरू हुआ। दरअसल कॉलेज में कोषाध्यक्ष सीट के लिए ईवीएम नहीं पहुंची थी। आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी, कांग्रेस की एनएसयूआई और वामपंथी संगठन आइसा, आप छात्र विंग सीवाईएस अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए अंतिम क्षणों तक प्रयास करते दिखे। मतदान के दौरान एबीवीपी व डूसू के छात्र नेता अलग-अलग कॉलेजों में मतदान की स्थिति व समर्थन जुटाने के लिए दौड़ते नजर आए। डूसू चुनाव की मतगणना बृहस्पतिवार को पुलिस लाइंस स्थित कम्प्यूनिटी हॉल में सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू होगी। नतीजे दोपहर बारह बजे तक संभावित हैं।   सुबह साढे आठ बजे और साढ़े नौ बजे के बीच 18.5 फीसद मतदान हुआ और सुबह के कॉलेजों का वोटिंग फीसद 43.8 फीसद रहा।
छावनी में तब्दील रहा नॉर्थ कैम्पस : डूसू चुनाव को लेकर बुधवार को नॉर्थ कैम्पस में भारी पुलिस बल की तैनाती थी। यहां छात्र मार्ग को दोनों तरफ से वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। पैदल यात्रियों के लिए भी केवल आई-कार्ड से प्रवेश था। जगह-जगह अवरोधक लगाये गये थे।
कैम्पस लॉ सेंटर में क्रमवार ईवीएम न होने पर विरोध : कैम्पस लॉ सेंटर में ईवीएम क्रमवार नहीं होने से इसको लेकर विरोध हुआ। एबीवीपी की राष्ट्रीय मीडिया संयोजक मोनिका चौधरी ने बताया कि सेंटर में ईवीएम पहले संयुक्त सचिव फिर ऊपर के पदों को लेकर लगाया गया था, जबकि ईवीएम पहले अध्यक्ष व उसके नीचे पदों को लेकर लगाया गया। विरोध करने के बाद इसको क्रमवार किया गया।