इफ्तार और महागठबंधन

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आगामी लोकसभा चुनाव में एक साल से भी कम का समय है। इसे देखते हुए राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम परम्परा इफ्तार का चुनावी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने से कांग्रेस, भाजपा सहित क्षेत्रीय दल भी पीछे नहीं हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी का मकसद विपक्ष की एकजुटता प्रदर्शित करना था। इसमें वह आंशिक तौर पर सफल भी रहे। लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेता और प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की शीर्ष नेता ममता बनर्जी, बसपा की मायावती और सपा के अखिलेश यादव गैरहाजिर रहे।

दरअसल, ये तीनों नेता विपक्षी एकता की धुरी हैं। इनकी अनुपस्थिति से गैर भाजपा दलों के संभावित महागठबंधन पर सवालिया निशान खड़े करते हैं। हालांकि राहुल गांधी मानते हैं कि जनता चाहती है कि विपक्षी दलों का गठबंधन बने। इसलिए वह महागठबंधन को लेकर पूरी तरह आस्त हैं, लेकिन इसका नेतृत्व कौन करेगा, इसका जवाब उनके पास नहीं है। कांग्रेस की इफ्तारी पार्टी की प्रकृति पूरी तरह से राजनीतिक थी। दूसरी ओर, भाजपा के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की इफ्तार पार्टी की प्रकृति सामाजिक थी। इस पार्टी में खास तौर उन मुस्लिम महिलाओं ने शिरकत की, जो तीन तलाक से पीड़िता थीं।

दरअसल, धार्मिक रीति-रिवाज भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की खास विशेषता है। इस दृष्टि से विशेषकर इफ्तार इस्लामिक सांस्कृतिक का प्रतिनिधित्व करता है। इफ्तार के माध्यम से अंतर-धार्मिक संवाद स्थापित होता है, जो राष्ट्रीय एकता का बुनियादी सिद्धांत है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधिकारिक तौर पर कभी इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं किया। यह श्रीमती इंदिरा गांधी थीं, जिन्होंने इसके जरिये मुस्लिम बुद्धिजीवियों का इस्तेमाल चुनावी उद्देश्य के लिए करना शुरू किया। यह कहा गया कि मुसलमानों को देश की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए किया जा रहा है।

इसे एक मायने में मुस्लिम तुष्टीकरण ही कहा जा सकता है। हालांकि दो संस्कृतियां आपस में मिलें, संवाद करें, करीब आएं, यह अच्छी बात है। लेकिन इफ्तार का आयोजन एकपक्षीय है। दीपावली के अवसर पर इस तरह की भावना मुसलमानों की ओर से प्रदर्शित होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की भावना और मजबूत होगी। साथ-साथ देश की एकता भी मजबूत होगी।