इंतजार होगा खत्म, अक्टूबर में दौड़ेगी नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो

सहारा न्यूज ब्यूरो, नोएडा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच निर्माधीन मेट्रो कॉरिडोर पर इस साल अक्टूबर में मेट्रो का व्यावसायिक परिचालन शुरू हो जाएगा। इस रूट पर सिविल वर्क पूरा हो चुका है। 23 किमी रूट पर पहले से ही ट्रायल चल रहा है। अगले 10 दिन में सेक्टर-71 तक पूरे 30 किमी रूट पर ट्रायल शुरू हो जाएगा। इस रूट का कोड नाम एक्वा है।

सेक्टर-29 में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक आलोक टंडन ने बताया कि इस माह के अंत तक पूरे रूट पर मेट्रो के परिचालन व सिग्नलिंग पण्राली का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। सितम्बर के अंत तक ट्रॉयल पूरा कर सीएमआरएस से सेफ्टी इंस्पेक्शन कराया जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। आलोक टंडन ने बताया कि यह रूट कई मामलों में खास होगा। इस रूट के शुरू होने के कुछ दिन बाद ही डीएमआरसी की सेक्टर-32 से सेक्टर-62 तक के रूट के एक्सटेंशन का काम भी पूरा होने की उम्मीद है। उक्त रूट पर परिचालन शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा समेत नोएडा के तमाम सेक्टर दिल्ली के पूरे मेट्रो नेटवर्कल से सीधा जुड़ जाएगा।

उन्होंने बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट पर मौजूद स्टेशनों के आसपास की सोसायटियों व कंपनियों को स्टेशन से सीधा कनेक्ट करने की योजना है। यदि कोई कंपनी या सोसायटी हमसे स्टेशन से सीधा जुड़ने की कनेक्टिविटी मांगते हैं तो इसके लिए स्काईवॉक बनाकर जोड़ दिया जाएगा। इसके बदले संबंधित संस्था से शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। अंसल ग्रुप ने आवेदन किया है। इस लाइन के प्रोजेक्ट इंजीनियर पीके गर्ग ने बताया कि इस रूट पर 4-4 कोच की 11 मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। इसमें से पांच मेट्रो ट्रेनें आ चुकी हैं। उनसे ट्रॉयल किया जा रहा है। बाकी छह मेट्रो ट्रेनें 22 सितम्बर तक आ जाएंगी। इस लाइन के 21 में से 15 स्टेशन पर पार्किंग बनाई जाएगी। हर पार्किंग में 150 से 200 वाहन खड़ा करने की जगह होगी। हर स्टेशन पर साइकिल स्टैंड भी बनाए जाएंगे। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ बनेगा।

एक साल डीएमआरसी करेगी संचालन : नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट पर शुरुआती एक साल तक डीएमआरसी ही परिचालन करेगी। इसके बाद एक साल और विस्तार दिया जा सकता है। शुक्रवार को एनएमआरसी और डीएमआरसी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो गए। इस लाइन के परिचालन और रखरखाव के लिए डीएमआरसी के 100 अधिकारी और पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। ये एनमआरसी के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देंगे। इसके लिए एनएमआरसी तीन करोड़ रु पए देगा। अधिकारियों ने बताया कि एनएमआरसी द्वारा नियुक्त किए गए कर्मचारियों व अधिकारियों की अभी ट्रेनिंग चल रही है।

एक बार में शुरू होने वाला एनसीआर का सबसे लम्बा कॉरिडोर : नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो के साथ कई रिकार्ड जुड़ रहे हैं। एनएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि एक बार में शुरू होने वाला यह एनसीआर का सबसे लंबा मेट्रो कॉरिडोर होगा। इसकी लंबाई 29.707 किमी है। इससे पहले डीएमआरसी ने सबसे लंबा कॉरिडोर द्वारका से बाराखम्भा एक बार में शुरू किया था। इसकी लंबाई करीब 26 किमी थी। इसके अलावा इस रूट पर यमुना एक्सप्रेस वे पर जीरो प्वाइंट पर बनाया गई मेट्रो लाइन एनसीआर की दूसरी सबसे ऊंची लाइन है। इसकी ऊंचाई करीब 23 मीटर है। इसके पहले धौलाकुंआ में डीएमआरसी ने 25 मीटर ऊंचाई पर ट्रैक बनाया था।