आम्रपाली की 16 सम्पत्तियां बिकेंगी

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह की 16 सम्पत्तियों की पहचान की है, जिन्हें बेचकर लंबित परियोजनाओं के निर्माण का काम पूरा किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के निदेशकों और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा बनाई गई प्रापर्टी को भी बेचने के आदेश दिए।
 सुप्रीम कोर्ट ने 2008 से समूह का फोरेंसिक अडिट का भी आदेश दिया। एनबीसीसी से कहा गया है कि निदेशकों की प्रापर्टी का मूल्यांकन करे। आम्रपाली के निदेशकों की उन सम्पत्तियों की सूची सौंपी जाएगी, जिन पर कोई कर्ज नहीं लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 12 सितम्बर तय की। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप से कहा कि अदालत बृहस्पतिवार को ही  इस मामले में आर्डर पास करना चाहती है और ग्रुप कोर्ट को यह बताए कि वो कौन सी प्रॉपर्टी है, जिनको बेच कर अभी एक हजार करोड़ रुपए जुटाए जा सकते हैं, जिससे एनबीसीसी काम शुरू कर सके।
 घर खरीदारों की ओर से कहा गया कि अदालत के आदेश के बावजूद आम्रपाली ग्रुप ने अपने सीएमडी अनिल शर्मा के प्रापर्टी की डिटेल कोर्ट में नहीं दी है जबकि अनिल शर्मा जब चुनाव में खड़े हुए थे तो उन्होंने अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा चुनाव आयोग को दिया था। घर खरीदार की तरफ से कहा गया कि ग्रुप ने जानबूझकर अनिल शर्मा की संपत्ति का ब्योरा अदालत में नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि शर्मा ने चुनाव आयोग में दिए हलफनामे में 850 करोड़ संपत्ति की बात कही थी। कोर्ट ने ग्रुप के वकील से पूछा कि यह 850 करोड़ रुपए कहां गए। अदालत ने पूछा कि क्या ये पैसे चुनाव में खर्च हो गए।