आम्रपाली की अधूरी परियोजनाएं एनबीसीसी पूरा करेगा

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कापरेरेशन (एनबीसीसी) ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह कानूनी लड़ाई में उलझे आम्रपाली समूह की कंपनियों की परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने के लिए तैयार है जो फ्लैट खरीदारों को करीब 42 हजार फ्लैट का कब्जा देने में विफल रही हैं।
जस्टिस अरुण मिश्रा और उदय उमेश ललित की बेंच ने एनबीसीसी से कहा कि इस संबंध में 30 दिन के भीतर ठोस प्रस्ताव पेश करके बताया जाए कि वह समयबद्ध कार्यक्रम के तहत आम्रपाली समूह की परियोजनाओं को किस तरह पूरा करेगा। अदालत ने एनबीसीसी से कहा कि आम्रपाली समूह द्वारा मकान खरीदारों से लिया गया धन उसे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
अदालत ने बिल्डर और खरीदारों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे कापरेरेशन की मदद करें और उसे सारे दस्तावेज मुहैया कराएं। बेंच ने कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करने और अदालत को पहले दिए गए आासनों का पालन करने में विफल रहने के लिए आम्रपाली समूह की तीखी आलोचना की और उसने बिल्डर को 250 करोड़ रुपए जमा कराने का अपना पहले का आदेश वापस ले लिया। अदालत ने समूह को आवेदन वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा कि उसका आचरण पूरी तरह अनुचित और पूरी तरह गलत है।  
अदालत ने कहा कि आम्रपाली ने धन जमा नहीं कराया। हम आप पर कैसे भरोसा कर सकते हैं। हम आप पर भरोसा क्यों करें आप (मकान का कब्जा प्राप्त करने वाले खरीदारों को) जलापूर्ति नहीं कर रहे हैं और आपके यहां लिफ्ट भी नहीं है। आपने पैसा कमाया और आप पानी भी मुहैया नहीं करा रहे हैं। आप किस तरह के व्यक्ति हैं।
अदालत ने आम्रपाली समूह द्वारा कथित रूप  से दो हजार 765 करोड़ रुपए का अन्यत्र इस्तेमाल करने का भी संज्ञान लिया और अडिटर से कहा कि वह इस बारे में रिपोर्ट पेश करे। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह की कंपनियों के सभी बैंक खाते जब्त करने संबंधी उसके आदेश के बारे में बैंकों को भी अवगत कराने का निर्देश अपनी रजिस्ट्री को दिया।  इस मामले में सुनवाई के दौरान आम्रपाली समूह ने अदालत के समक्ष 40 फर्मो में से 38 के बैंक खाते का विवरण पेश किया और कहा कि उनके निदेशकों का व्यक्तिगत विवरण जल्द ही दाखिल किया जाएगा।