आजादी के 70 साल बाद भी दलितों के खिलाफ कांग्रेस की सोच नहीं बदली है : मोदी

भाषा, नयी दिल्ली

दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस के वार पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डा. आंबेडकर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के इतिहास से बाबा साहेब का नामो-निशान मिटाने के लिये पूरी शक्ति लगा दी थी और आज आजादी के 70 साल बाद भी दलितों के खिलाफ कांग्रेस की सोच नहीं बदली है।      
कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ये इतिहास की बहुत कड़वी सच्चाई है कि जब बाबा साहेब जीवित थे, तब भी कांग्रेस ने उनके अपमान में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।’’     

गांधी नेहरू परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने इकोसिस्टम ऐसा बनाया कि देश का इतिहास सिर्फ एक परिवार के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गया। बाबा साहब ने घुटने नहीं टेके और जिसने कांग्रेस के इकोसिस्टम के आगे घुटने नहीं टेके, उसे किताबों तक में जगह नहीं मिली ।      
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चुनौती देता हूं कांग्रेस को, वो एक काम बता दें जो उसने बाबा साहेब के लिए किया है, वो एक काम बता दें जो उसने बाबा साहेब के सम्मान के लिए किया है । कांग्रेस के पास कोई जवाब नहीं होगा।’’      

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बाबा साहेब के महान कर्मों, देश के लिए उनकी सेवा का फल है कि एक परिवार की पूजा करने वाले, उस परिवार को देश का भाग्यविधाता समझने वाले.. अब दिल पर पत्थर रखकर बाबा साहेब का नाम ले रहे है। दिल्ली में अलीपुर में डा. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन करते हुए मोदी ने दावा किया कि सच्चाई ये है कि बाबा साहेब के निधन के बाद कांग्रेस ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को भी मिटाने की कोशिश की।      

दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मोदी ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक पर निशाना साधा।     

उन्होंने कहा, ‘‘नेहरू जी से लेकर राजीव गांधी तक, कांग्रेस ने तमाम लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया, लेकिन उसे कभी बाबा साहेब ‘भारत के रत्न’ के लिए योग्य नहीं लगे। जिस व्यक्ति ने सेंट्रल हॉल में बैठेकर संविधान को रचा हो, उसकी बारीकी पर घंटों चर्चा की हो, कांग्रेस शासन के दौरान उसी के लिए सेंट्रल हॉल में कोई जगह नहीं थी।’’      

कांग्रेस एवं गांधी नेहरू परिवार पर प्रहार जारी रखते हुए मोदी ने कहा कि आज की पीढी के लिए ये जानना भी आवश्यक है कि कैसे बाबासाहेब ने कांग्रेस का असली चरित्र देश के सामने रखा था।      

उन्होंने कहा कि आज की पीढी के लिए यह जानना जरूरी है कि जब कांग्रेस आरोपों से घिरती है, तो सामने वाले व्यक्ति को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए साम-दाम-दंड-भेद, हर तरह से साजिश रचने लगती है।          

नेहरू मंत्रिमंडल से बाबा साहब के इस्तीफे संबंधी उनके बयान का हवाला देते हुए मोदी ने दावा किया कि विवादों की वजह से बाबासाहेब ने नेहरू जी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और अपने बयान में बाबासाहेब ने एक - एक करके अपनी तकलीफों का जिक्र किया था और इसकी वजहें भी विस्तार से बताईं थी।    

डा. आंबेडकर के बयान के माध्यम से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने लिखा था कि उन्हें विदेश मामलों, रक्षा मामलों, आर्थिक मामलों समेत कैबिनेट की किसी कमेटी में नहीं लिया गया।      

मोदी ने कहा कि बाबा साहेब ने लिखा था कि पिछड़ों और दलितों के साथ किए जा रहे बर्ताव के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।      

उन्होंने बाबा साहब के बयान का हवाला देते हुए कि संविधान में पिछड़ी जातियों के हितों के संरक्षण के लिए उचित प्रावधान नहीं हैं। ये कार्य एक आयोग की सिफारिशों के आधार पर होना था। संविधान को लागू हुए एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन सरकार ने अब तक आयोग नियुक्त करने के बारे में सोचा तक नहीं है     

बाबा साहब के इस बयान के हवाले से मोदी ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।      

मोदी ने कहा, ‘‘तब से लेकर आज तक, कांग्रेस की सोच नहीं बदली है। 70 साल पहले पिछड़ी जातियों के खिलाफ आयोग को लेकर कांग्रेस ने बात आगे नहीं बढने दी। आज 70 साल बाद भी कांग्रेस संसद में ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के काम को रोकने का काम कर रही है।