आंध्र प्रदेश-ओडिशा में ‘तितली’ का कहर, दो की ली जान

भाषा , अमरावती/भुवनेश्वर

बेहद प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कहर बरपाया। ‘तितली’ ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश में दो लोगों की जान ले ली और साथ ही श्रीकाकुलम जिले में बड़े स्तर पर तबाही मचाई।     

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने बताया कि तूफान के कारण श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश हुई जिससे सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।          

जिले के कई मंडलों में दो सेंटीमीटर से लेकर 26 सेमी. तक बारिश दर्ज की गई। सड़क संपर्क भी बड़े पैमाने पर अवरुद्ध हुआ। राज्य सड़क परिवहन निगम ने कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से रास्ते अवरुद्ध होने के कारण अपनी बस सेवाएं निलंबित कर दी है।          

श्रीकाकुलम से ताल्लुक रखने वाले परिवहन मंत्री के अत्चननायडू ने प्रभावित मंडलों का दौरा किया और वह स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।          

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने जिले के अधिकारियों के साथ टेली-कांफ्रेंस की और उन्हें हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा है।          

नायडू ने कहा, ‘‘अब से हर घंटा बहुत महत्वपूर्ण है। ध्यान राहत कदमों और संचार नेटवर्क बहाल करने पर होना चाहिए। संक्रामक बीमारियों के फैलने से रोकने के लिए देखभाल की जानी चाहिए।’’          

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दलों को राहत और बचाव अभियानों के लिए श्रीकाकुलम और पड़ोसी विजयनगरम जिलों में तैनात किया गया है।          

एसडीएमए ने मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करने के लिए टोल फ्री नंबर 18004250101 बनाया है जबकि तीन उत्तरी तटीय जिलों में नियंत्रण कक्ष चालू कर दिए गए हैं।

ओडिशा में पेड़-पोल उखड़े, कच्चे मकान क्षतिग्रस्त

वहीं ओडिशा के गंजम और गजपति जिलों में गुरुवार सुबह दस्तक देने के बाद बेहद प्रचंड चक्रवात तितली के कारण पेड़ और खंभे उखड़ गए और कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। राहत यह है कि राज्य के किसी हिस्से में अभी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।     

चक्रवात से कम से कम तीन जिलों में भारी बारिश हुई और बिजली तथा संचार की समस्या पैदा हुई।     

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बी पी सेठी ने कहा, ‘‘कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ या राज्य के किसी हिस्से से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। गंजम और गजपति जिलों में थोड़ा नुकसान हुआ।’’     

एसआरसी ने बताया कि बिजली आपूर्ति और टेलीफोन संपर्क बाधित हुआ और गजपति जिले में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से सड़क संपर्क बाधित हुआ।     

उन्होंने बताया कि सड़कों को साफ करने तथा प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिशें चल रही हैं।     

उन्होंने बताया कि गंजम, गजपति, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर ‘बेहद प्रचंड चक्रवात तितली’ से प्रभावित हुए।     

चक्रवात के कारण ओडिशा के गंजम, गजपति और पुरी जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा हुई जबकि गंजम में पेड़ गिरने से कच्चे मकानों और स्ट्रीट लाइटों के क्षतिग्रस्त होने तथा सड़कें अवरुद्ध होने की खबरें हैं।     

गजपति में परालाखेमुंडी और मोहना के बीच तथा कुछ अन्य मंडलों में चक्रवात के कारण सड़क संपर्क बाधित हो गया।     

भारतीय मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चक्रवात ‘तितली’ आंध्र प्रदेश में पलासा के समीप गोपालपुर के दक्षिण-पश्चिम तट पर सुबह साढे चार और साढे पांच बजे के बीच पहुंचा।

चक्रवात के साथ 140-150 किलोमीटर से 165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।         

जमीन पर दस्तक देने के बाद तूफान के धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व में फिर से वक्र करके ओडिशा को पार करके गंगा से लगे पश्चिम बंगाल के हिस्से की तरफ बढने और फिर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।     

ओडिशा के गोपालपुर में सतह पर हवा की रफ्तार 126 किमी प्रति घंटे थी जबकि आंध्र प्रदेश के कलिंगपत्तनम में इसकी रफ्तार 56 किमी प्रति घंटे दर्ज की गई।     

चक्रवात के दस्तक देने के बाद तितली के प्रभावस्वरूप ओडिशा के गंजम, गजपति और पुरी में तेज हवा के साथ अच्छी वर्षा हो रही है।      

भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एच आर विश्वास ने कहा कि बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान (वीएससीएस), ‘तितली‘ की निगरानी विशाखापत्तनम, गोपालपुर और पारादीप स्थित तटीय डॉप्लर मौसम रडार द्वारा की जा रही है।     

चक्रवात से निपटने की तैयारी के तौर पर ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों के निचले इलाकों में रह रहे तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। वे 1,112 चक्रवात शिविरों में रह रहे हैं।     

एसआरसी ने बताया कि गंजम जिले में 105 और जगतसिंहपुर में 18 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।     

उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 13 टीमों को कई स्थानों पर तैनात किया गया है।