अब सरकार उठाएगी यूपी के तीन शक्तिपीठ मेलों का खर्च

सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को यहां लोकभवन में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। इनमें तीन शक्ति पीठों पर लगने वाले मेलों का प्रांतीयकरण करने के साथ ही कुम्भ में संतों के ठहरने के लिए पांच करोड़ और बुंदेलखण्ड के माताटीला बांध से  झांसी में पेयजल की 600 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गयी, इसके साथ ही कुम्भ में आस्थायी पुलों के निर्माण के 26.47 करोड़ के प्रस्ताव, किसानों को रबी की फसल में बीजों पर अनुदान बढ़ाने के साथ खादी पर पांच फीसद की विशेष छूट के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने सीतापुर के नैमिषारण्य में मां ललिता देवी शक्तिपीठ में लगने वाले अमावस्या मेला, बलरामपुर के तुलसीपुर में स्थित मां पाटेरी शक्तिपीठ देवीपाटन तथा नवरात्र में मिर्जापुर स्थित मां ¨वध्यवासिनी शक्तिपीठ में लगने वाले मेलों को प्रांतीय मेलों का दर्जा दिये जाने को मंजूरी दी है। नवरात्र के पहले दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में इन मेलों को प्रान्तीय मेलों का दर्जा दिये जाने को मंजूरी दी गयी है।

सरकार इन तीनों मेलों में श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अपने बजट से धन मुहैया कराएगी। इन मेलों के प्रांतीयकरण के लिए प्रस्ताव क्रमश: जिलों के डीएम के स्तर से आये थे। सरकार ने इन प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ ललिता देवी शक्तिपीठ में लगने वाले मेला के लिए 60 लाख,  मां पाटेरी शक्तिपीठ देवीपाटन के लिए 48 लाख और विन्ध्यांचल शक्तिपीठ के लिए 30 लाख रुपये वाषिर्क धनराशि को भी मंजूरी दे है।

अभी तक इन मेलों पर होने वाली धनराशि का व्यय नगर पालिका परिषद के स्तर से किया जाता था, लेकिन अब शासन इसके लिए अलग से बजट का इंतजाम करेगा और प्रबंधन सीधे जिलाधिकारियों के हाथों में होगा। नगर विकास विभाग के मंत्री सुरेश खन्ना ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कुंभ मेला 2019 योजना के तहत चार जगहों में साधु संतों को ठहराने के लिए 5.75 करोड़ रुपये के निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इनमें अटल अखाड़ा, इलाहाबाद में माघ मेला में आस्थाई पैन्टून पुलों एवं सड़कों के निर्माण के लिए व्यय वित्त समिति के 2647.19 लाख के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है।

बैठक में इसके साथ ही झांसी में पेयजल की आवश्यकता को देखते हुए माताटीला डैम से पानी लेकर वहां के लोगों को मुहैया कराने के लिए 600 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। इस योजना से झांसी नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2048 तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह पेयजल योजना केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत शुरू की जाएगी। इसमें केन्द्रांश 50 फीसद, राज्य की हिस्सेदारी 30 फीसद और नगर निकाय को 20 फीसद का अंशदान करना होगा।

पानी की आपूर्ति पाइप से करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश में नगरीय निकायों की सिंगल एकाउंटिंग की जाती रही है, लेकिन सीएजी के आदेश के बाद अब यूपी में भी नगरीय निकायों की डबल एकाउंटिंग होगी,इनमें नगर निकाय से लेकर टाउन एरिया तक शामिल होंगे। डबल एकाउंटिंग होने के बाद आय और व्यय दोनों की बैलेंससीट तैयार करायी जाएगी ताकि जनता को निकाय के लाभ या घाटे में होने की जानकारी मिल सके।