अब बनेंगे एथनाल से चलने वाले वाहन

भाषा, हैदराबाद

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन कंपनी बजाज तथा टीवीएस को ऐसे वाहन बनाने की अनुमति दे दी है जो कि धान व गेंहू के डंठल से तैयार 100 फीसद एथनाल पर चलेंगे। इस पहल से देश की तेल आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।

केंद्रीय मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैंने बजाज व टीवीएस के प्रबंधन से एथनाल चालित बाइक व आटो रिक्शा बनाने को कहा है। उन्होंने बना लिया। मैं उन्हें अनुमति दे रहा हूं और आटो रिक्शा, बाइक या स्कूटर 100 फीसद जैव एथनाल पर चलेंगे।’

मंत्री ने कहा कि कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में लगे संस्थानों को जैव ईंधन जैसे विषयों को भी उठाना चाहिए ताकि तेल आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि धान के डंठलों या भूसे को पंजाब तथा हरियाणा में जलाया जाता है जिससे दिल्ली में प्रदूषण हो जाता है। उन्होंने कहा कि धान के एक टन भूसे (पराली) से 280 लीटर एथनाल निकाला जा सकता है।

गडकरी ने कहा, ‘हम हर साल 40,000 करोड़ रुपए मूल्य की लकड़ी , 4000 करोड़ रुपए मूल्य की कच्ची अगरबत्तियां, 35000 करोड़ रुपए मूल्य कागज की लुगदी व 35,000 करोड़ रुपए मूल्य का अखबारी कागज आयात करते हैं। इस तरह से लकड़ी से जुड़ा कुल आयात एक लाख करोड़ रुपए का रहता है।’

मंत्री ने कहा कि सरकार ने बांस को पेड़ की श्रेणी से हटाया है और वह इसकी खेती को प्रोत्साहित कर रही है ताकि उक्त आयात में कमी लाई जा सके।