अटल जी की अस्थियां यमुना में विसर्जित

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भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश को मंगलवार को यमुना नदी में विसर्जित कर दिया गया। इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, पार्टी नेता अरुण सिंह, सांसद मीनाक्षी लेखी, दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता, राजेश भाटिया, रविंद्र गुप्ता की अगुवाई में सुबह करीब 11 बजे गुरुद्वारा नानकसर से अस्थि कलश यात्रा निकाली गयी। कलश यात्रा में भाजपा के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थि कलश यात्रा सुबह करीब 11 बजे शुरू होकर दोपहर बाद करीब 12.30 बजे सोनिया विहार यमुना घाट पर पहुंची। वहां हिन्दू रीति रिवाज एवं वेद मंत्रोच्चार के साथ अस्थि कलश से अस्थियों को विसर्जित कर दिया गया। विसर्जन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अमर रहे के नारे लगाकर माहौल को भावुक बना दिया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने अटल जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र के विकास में लगा दिया। यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जब वह पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियों का विसर्जन कर रहे हैं। भावुक दिख रहे मनोज तिवारी ने मांग की कि यमुना नदी के सोनिया घाट का नाम अटल विहारी बाजपेयी के नाम पर रखा जाये।
पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राष्ट्र भक्त, समर्पण, दृढ़ निश्चय एवं उदार व्यक्तित्व के धनी थे। नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अटल जी की कार्यशैली हमेशा सुशासन के लिए प्रेरित करती रहेगी। महामंत्री राजेश भाटिया ने कहा कि अटल जी की मेहनत का ही नतीजा है कि आज भाजपा के पास दुनिया में सबसे अधिक राजनीतिक ताकत है। संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, कुलजीत चहल, रविंद्र गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के नेता सत्यपाल सिंह, राजकुमार बल्लन, प्रमोद गुप्ता, सुषमा मिश्रा, नीता बिष्ट, आनंद त्रिवेदी, भावना मलिक, रेखा सिन्हा, अनुपम पाण्डेय समेत पार्टी के पदाधिकारी भी शामिल हुए।