अगर आधार हेल्पलाइन नंबर खुद से फोन में जुड़ जाए तो तुरंत करें ये काम...

एजेंसिया, नई दिल्ली

महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सुरक्षा सेल ने आज देर शाम परामर्श जारी किया है कि अगर यूआईडीएआई के नाम से कोई नंबर अपने आप मोबाइल फोन में जुड़ जाए तो इसे डिलीट किया जाए।        

कुछ मोबाइल फोनों में उपयोगकर्ता की मंजूरी के बिना आधार हेल्पलाइन नंबर पहले से सेव होने को लेकर जनाक्रोश के बीच गूगल ने आज रात एंड्रायड फोनों के ‘सेटअप विजार्ड’ में पुराना यूआईडीएआई हेल्पलाइन नंबर और 112 हेल्पलाइन नंबर ‘‘गलती से’’ लोड हो जाने पर माफी मांगी।         

गूगल ने कहा कि नंबरों को फोन से डिलीट किया जा सकता है। उसने इस दिक्कत को खत्म करने का भी वादा किया।      

फोन में एकाएक UIDIA हेल्पलाइन नंबर आने से लोग हुए भौचक
देश में हजारों स्मार्टफोन यूजर्स शुक्रवार को हक्के-बक्के रह गए, जब उन्होंने पाया कि यूआईडीएआई का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर उनके फोन बुक में खुद से सेव हो गया है।

एक यूजर ने सेव्ड नंबर का स्क्रीन शॉट ट्वीट करते हुए लिखा, यह कोई मजाक नहीं है। मेरे फोन में भी ऐसा हुआ है। मैंने इस नंबर को सेव नहीं किया था। जल्दी से अपना फोन भी चेक करें, मुझे चिंता हो रही है।

एक दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, ये कैसे हुआ कि यह नंबर मेरे फोन बुक में आ गया? अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आप गतिविधियों की निगरानी भी कर सकते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने हालांकि कहा कि कुछ निहित हितों के कारण जानबूझकर जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है और प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उसने किसी निर्माता या दूरसंचार सेवा प्रदाता से ऐसी सुविधा प्रदान करने के लिए नहीं कहा है।
 
एक फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ एलियट एल्डरसन ने यूआईडीएआई से ट्विटर पर पूछा, कई लोग, जिनके अलग-अलग सेवा प्रदाता है, चाहे उनके पास आधार कार्ड हो या ना हो या उन्होंने आधार एप इंस्टाल किया है या नहीं किया है। उन्होंने अपने फोन में नोटिस किया होगा कि बिना अपने कांटैक्ट लिस्ट में जोड़े आधार का हेल्पलाइन नंबर क्यों आ रहा है। क्या आप इसकी सफाई दे सकते हैं, क्यों? इस बहस में कई लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने फोन में एकाएक आधार नंबर के आने के स्क्रीन शॉट्स को साझा करना शुरू कर दिया। एक ट्विटर यूजर ने कहा, हां, यह सच है। यूआईडीएआई का हेल्पलाइन नंबर मेरे फोन बुक में जादू से आ गया।